गधाभाठा में वानरों का आतंक: फसल से घरों तक नुकसान, पूर्व सरपंच बोले- वन विभाग कुंभकर्णी निद्रा में
बसना(रूपानंद साव) :- विकासखंड मुख्यालय से महज कुछ किमी दूर ग्राम पंचायत बरगांव के आश्रित ग्राम गधाभाठा एवं सराईपतेरा में जंगली वानरों का आतंक बढ़ता जा रहा है। झुंड के झुंड आबादी में घुसकर फसल, फलदार पेड़ और घरों को नुकसान पहुंचा रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार वानर हर 4-5 दिन में गांव पहुंच जाते हैं और हर मोहल्ले में नुकसान कर लौटते हैं। पिछले वर्षों की तुलना में संख्या लगभग तीन गुना बढ़ गई है।
पूर्व सरपंच के बगीचे में 2 क्विंटल आम बर्बाद :- ग्राम के पूर्व सरपंच सुरेश प्रधान ने बताया कि उनके बगीचे में आम की 10 वैरायटी सहित जाम, पपीता, जामुन, काजू, लीची, नारियल, अंजीर, चीकू, मौसंबी, लौंग, इलायची, वाटर एप्पल, आंवला और 15 किस्म के फूल लगे हैं। आम सीजन में ही वानरों ने 2 क्विंटल आम बर्बाद कर दिया। हाल में पपीता, जाम, चीकू, वाटर एप्पल, बारहमासी आम और फूलों की पत्तियों-शाखाओं को नोच दिया गया। सोलर प्लेट के नोजल और छत के पानी के पाइप भी तोड़ दिए।
वन विभाग पर सवाल :- पूर्व सरपंच ने सोशल मीडिया पर लिखा - "वन विभाग कुंभकर्णी निद्रा में है, अभी तक गधाभाठा नहीं पहुंचे।" ग्रामीणों का कहना है कि फसल, बगीचे और संपत्ति लगातार नुकसान झेल रहे हैं लेकिन अब तक सर्वे या स्थायी समाधान नहीं हुआ।
वानर की मौत से चिंता :- 29 अगस्त सुबह करीब 7 बजे गधाभाठा में सुरेश प्रधान और उसत डडसेना के खेत की मेड़ पर एक वानर मृत मिला। पास से 11 केवी लाइन गुजरती है, करंट लगने की आशंका है। वन और विद्युत विभाग की जांच के बाद ही कारण स्पष्ट होगा। ग्रामीणों ने बजरंग दल द्वारा विधिवत अंतिम संस्कार की तैयारी की है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि वन विभाग प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल सर्वे कर वानरों की संख्या और आवागमन का चिन्हांकन करे और विशेषज्ञों से मानव-वन्यजीव संघर्ष का मानवीय समाधान निकाले। बसना अंचल के कई गांवों में यही समस्या बढ़ रही है।


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