खैर लकड़ी तस्करी मामले में महासमुंद पुलिस की अंतरराज्यीय कार्रवाई: 1.70 करोड़ नकद, 15 टन खैर लकड़ी जप्त, एक और आरोपी हिमाचल से गिरफ्तार

खैर लकड़ी तस्करी मामले में महासमुंद पुलिस की अंतरराज्यीय कार्रवाई: 1.70 करोड़ नकद, 15 टन खैर लकड़ी जप्त, एक और आरोपी हिमाचल से गिरफ्तार



महासमुंद :- खैर लकड़ी के अवैध परिवहन, तस्करी और फर्जी एनओसी/बिलिंग मामले में महासमुंद पुलिस ने हिमाचल प्रदेश एवं हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में बड़ी कार्रवाई की है।पुलिस अधीक्षक कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार यह कार्रवाई थाना पिथौरा में दिनांक 09.07.2026 को पंजीबद्ध अपराध क्रमांक 172/2026 के तहत की जा रही है। वन परिक्षेत्र अधिकारी पिथौरा के आवेदन पर खैर लकड़ी (23,350 किग्रा) के अवैध परिवहन हेतु प्रयुक्त NTPS NOC में कूटरचना और धोखाधड़ी के मामले में धारा 318(4), 338, 336(3), 340(2), 61(2), 3(5), 111 BNS व 25 आर्म्स एक्ट एवं भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 42(1) सहपठित धारा 41(2)(ख)(घ), धारा 52(1) के तहत मामला दर्ज है। पूर्व में 07.09.2026 को आरोपी मनीष अग्रवाल के ग्राम मुड़पार, थाना सरसींवा स्थित मकान से 81 लाख रुपये नकद जप्त किए गए थे।



हिमाचल और हरियाणा में बड़ी दबिश -

जिला पुलिस की विशेष टीम द्वारा हिमाचल प्रदेश में तस्कर मनीष अग्रवाल को अवैध खैर लकड़ी के व्ययन में सहायता करने वाले ठिकानों पर दबिश दी गई। इस दौरान तस्कर मनीष अग्रवाल एवं संजय छाबड़िया द्वारा खैर तस्करी से अर्जित अवैध रकम कुल 1,70,00,000 रुपये (एक करोड़ सत्तर लाख) नकद बरामद कर जप्त की गई।


इसी क्रम में 10.10.2026 को थाना बिलासपुर क्षेत्रांतर्गत ग्राम बहोड़ा कलां, तहसील पटौदी, जिला गुरुग्राम (हरियाणा) में स्थित आरोपी मनीष अग्रवाल की फर्म 'श्री बालाजी ट्रेडिंग' के गोदाम में दबिश देकर लगभग 15 टन अवैध खैर की लकड़ी बरामद कर जप्त की गई।


पुलिस द्वारा इस मामले में अब तक ओडिशा, मध्यप्रदेश, हरियाणा एवं हिमाचल प्रदेश में दबिश देकर कुल 70 टन अवैध खैर लकड़ी जप्त की जा चुकी है।


फर्जी बिलिंग सिंडिकेट का पर्दाफाश -

विवेचना में सामने आया है कि आरोपी सतपाल सिंह ने अपनी फर्म 'शिव ट्रेडर्स' के माध्यम से आरोपी अखिलेश सिंघल, पारितोष मिश्रा, मनीष अग्रवाल, संजय छाबड़िया एवं अन्य के साथ मिलकर सुनियोजित षड्यंत्र रचा। बिना वास्तविक माल की आपूर्ति के शैल फर्मों से बड़े पैमाने पर खैर लकड़ी के फर्जी बिल प्राप्त किए और उन्हें वैध दर्शाने के लिए वन विभाग के फर्जी ट्रांजिट पास तैयार कर HSN कोड का दुरुपयोग किया। जांच में सामने आया है कि आरोपी ने विगत 3 वर्ष में फर्जी बिलों को वैध रूप देने के लिए बैंक खातों में दर्जनों बार ट्रांसफर कर करोड़ों रुपयों का भुगतान किया है।


गिरफ्तार आरोपी -

पुलिस ने इस प्रकरण में सह-आरोपी सतपाल सिंह उम्र 67 वर्ष, पिता स्व. कुन्दन लाल, निवासी गांव ज्वालापुर, तहसील पांवटा साहिब, जिला सिरमौर (हिमाचल प्रदेश), संचालक फर्म 'शिव ट्रेडर्स' को 12.10.2026 को कालाअंब, जिला सिरमौर से गिरफ्तार किया है। आरोपी को नाहन न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड लेकर महासमुंद लाया गया है और न्यायिक रिमांड हेतु पेश किया जा रहा है।


पूर्व में गिरफ्तार आरोपी -

1. पारितोष मिश्रा (47 वर्ष), संचालक पीयूष इंटरप्राइजेस, बोलांगीर (ओडिशा) - गिरफ्तारी 14.09.2026

2. अखिलेश सिंघल (52 वर्ष), संचालक सिंघल इंटरप्राइजेस संबलपुर (ओडिशा) - गिरफ्तारी 14.09.2026


मामले में अपराध से अर्जित अवैध नगदी की कुर्की एवं आरोपियों को आर्थिक लाभों से वंचित करने हेतु BNSS की धारा 107 के तहत वैधानिक कार्यवाही जारी है।

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