व्यावसायिक परिसर बना, पर बाहर पसरा कायम,भीतर के चिकन-मटन दुकानदार परेशान
परिसर बना, दुकानें आबंटित हुईं, फिर भी सड़क किनारे मटन चिकन मछली का कारोबार! भीतर के दुकानदार परेशान, यातायात व्यवस्था पर भी सवाल
इससे परिसर के भीतर दुकान संचालित करने वाले व्यवसायियों को आर्थिक रूप से प्रभावित होने के साथ-साथ आम लोगों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
परिसर के भीतर दुकान संचालित करने वाले दुकानदारों का कहना है कि सड़क किनारे खुले में कारोबार होने से ग्राहकों का एक हिस्सा परिसर के अंदर आने के बजाय बाहर ही खरीदारी कर लेता है।
उनका आरोप है कि कई बार ग्राहकों को परिसर के भीतर जाने से रोकने अथवा बाहर से ही सामान लेने के लिए प्रेरित करने की स्थिति भी बनती है।
वहीं सड़क किनारे पसरा लगने से मार्ग संकरा होने और दिनभर भीड़ रहने की समस्या सामने आती है।आपातकालीन सेवाओं से लेकर विद्यार्थियों तक को परेशानी
व्यवसायियों के अनुसार सड़क किनारे अव्यवस्थित रूप से पसरा लगने से दोपहिया वाहनों के लिए परिसर तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाता है।भीड़ और अव्यवस्था के कारण आपातकालीन सेवाओं से जुड़े वाहनों, स्कूली छात्र-छात्राओं, कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों तथा आम राहगीरों को मार्ग पार करने में परेशानी होने की बात कही जा रही है।
बसना के स्थानीय लोगों का कहना है कि व्यवसाय करने का अधिकार अपनी जगह है, लेकिन सार्वजनिक सड़क और आवागमन प्रभावित न हो, इसकी जिम्मेदारी भी संबंधित व्यवस्था की है।
यदि नगर पंचायत बसना ने व्यवसायियों के लिए निर्धारित परिसर बनाया और दुकानों का आबंटन किया है तो कारोबार को उसी निर्धारित स्थल पर व्यवस्थित कराने की आवश्यकता है।
शिकायत आवेदन देने के बाद कार्रवाई कहां तक पहुंची, जानकारी नहीं
परिसर के भीतर दुकान संचालित करने वाले व्यवसायियों ने हाल ही में नगर पंचायत बसना के मुख्य नगरपालिका अधिकारी पात्रे जी के नाम मटक चिकन परिसर के बाहर सड़क किनारे संचालित हो रहे अतिक्रमणनुमा दुकानों को हटाने और व्यवस्था सुधारने संबंधी ज्ञापन आवक जावक मे सौंपे जाने की बात कही है।
लेकिन शिकायतकर्ताओं का कहना है कि नगर पंचायत की आवक-जावक शाखा में आवेदन जमा होने के बाद उसकी वैधानिक प्रक्रिया किस स्तर तक पहुंची, संबंधित शाखा अथवा अधिकारी को भेजा गया या नहीं और उस पर क्या कार्रवाई प्रस्तावित है—
इसकी स्पष्ट जानकारी आवेदकों को नहीं मिल पा रही है।
यदि शिकायत आवेदन केवल प्राप्त कर फाइल में रख दिए जाएं और उसकी कार्रवाई की जानकारी शिकायतकर्ता को ही उपलब्ध न हो, तो आवक-जावक शाखा में आवेदन लेने की प्रक्रिया जनता के लिए कितनी प्रभावी है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है।
जवाबदेही तय हो, शिकायतों की ट्रैकिंग व्यवस्था बने,मामला केवल चिकन-मटन कारोबार तक सीमित नहीं है।यह नगर पंचायत बसना की शिकायत निवारण व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही से भी जुड़ा विषय है।
शिकायतकर्तागण यह जानना चाहते हैं कि उनके आवेदन पर किस अधिकारी ने क्या कार्रवाई की, संबंधित स्थल का निरीक्षण हुआ या नहीं तथा नियमों के उल्लंघन की स्थिति में क्या निर्णय लिया गया।
साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि आवक-जावक शाखा में प्राप्त शिकायतें संबंधित अधिकारी अथवा शाखा तक समय पर पहुंचती हैं या नहीं और उन पर कार्रवाई की निगरानी कौन करता है।
जनप्रतिनिधियों तक शिकायतों की जानकारी पहुंचती है या नहीं, इसे लेकर भी आम लोगों में सवाल बने हुए हैं।
व्यवसायियों की प्रमुख मांगें :-
परिसर के भीतर दुकान संचालित करने वाले व्यवसायियों की मांग है कि—
सड़क किनारे खुले में
चिकन-मटन-मछली काटने एवं बिक्री पर नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
नगर पंचायत बसना द्वारा आबंटित व्यावसायिक परिसर के भीतर ही कारोबार सुनिश्चित कराया जाए।
खटखटी मार्ग मे स्थित चिकन मटन मार्केट परिसर के प्रवेश मार्ग को अतिक्रमण और पसरे से मुक्त कराया जाए।
खटखटी मुख्य सड़क पर अनावश्यक भीड़ और यातायात बाधित होने की स्थिति समाप्त की जाए।
शिकायत आवेदन पर की गई कार्रवाई की जानकारी आवेदकों को लिखित रूप से दी जाए।
आवक-जावक शाखा में प्राप्त शिकायतों की कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक एवं पारदर्शी रखने की व्यवस्था बनाई जाए।
नगर पंचायत बसना के मुख्य नगर पालिका अधिकारी से अपेक्षा है कि मामले को केवल शिकायत-पत्र प्राप्त करने तक सीमित न रखकर स्थल निरीक्षण, नियमों की जांच और आवश्यक कार्रवाई के माध्यम से स्पष्ट समाधान किया जाए।
इससे परिसर के भीतर व्यवसाय करने वाले दुकानदारों के हितों के साथ-साथ आम जनता के सुरक्षित और सुगम आवागमन का अधिकार भी सुनिश्चित हो सकेगा।


0 Comments