बसना ब्लॉक में दो माह के राशन वितरण पर संकट, 50 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों का वितरण अटका

बसना ब्लॉक में दो माह के राशन वितरण पर संकट, 50 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों का वितरण अटका



बसना(रूपानंद साव) :- सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत सितंबर माह के अंतिम दिनों में चावल वितरण व्यवस्था को लेकर बसना विकासखंड के कई ग्रामों में गंभीर स्थिति सामने आ रही है। बंसुला, खेमड़ा सहित अनेक शासकीय उचित मूल्य दुकानों में हितग्राहियों को चावल नहीं मिल पा रहा है।


पीडीएस चावल का स्टॉक खत्म, हितग्राही खाली हाथ लौटे


 दुकान पहुंचने वाले राशन कार्डधारियों को पीओएस मशीन में चावल का स्टॉक समाप्त होने की जानकारी देकर वापस लौटाया जा रहा है।


बताया जा रहा है कि सितंबर और अक्टूबर माह का चावल एक साथ वितरण किया जाना था, लेकिन सितंबर समाप्त होने से ठीक पहले कई दुकानों में पीओएस मशीन पर दर्ज चावल का स्टॉक समाप्त हो गया।


 संबंधित सेल्समैनों का कहना है कि अतिरिक्त चावल के लिए मांग पत्र (एनओसी/डिमांड) लगभग एक सप्ताह पूर्व ही संबंधित स्तर पर भेजा जा चुका है, लेकिन अब तक स्टॉक उपलब्ध नहीं कराया गया है।


अंत्योदय कार्डधारी महिलाओं को भी नहीं मिला राशन

सबसे अधिक परेशानी अंत्योदय राशन कार्डधारी परिवारों को हो रही है। कई महिलाएं राशन लेने उचित मूल्य दुकान पहुंचीं, लेकिन चावल उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की खाद्य जरूरत के लिए पीडीएस के चावल पर निर्भर लोगों के सामने अब यह बड़ा सवाल है कि सितंबर का लंबित राशन आखिर कब मिलेगा?


वन नेशन-वन राशन कार्ड से स्थानीय हितग्राहियों की परेशानी एवं चिंता बढ़ी?


ग्रामीणों का कहना है कि 'वन नेशन, वन राशन कार्ड' व्यवस्था के तहत दूसरे गांव अथवा अन्य क्षेत्र के राशन कार्डधारी भी बंसुला की दुकान से राशन प्राप्त कर रहे हैं। बंसुला सोसाइटी खुलते ही आसपास के ग्रामों के हितग्राहियों के साथ-साथ नौकरी या अन्य कारणों से बंसुला शहरी क्षेत्र में किराए पर रहने वाले दूसरे विकासखंड अथवा जिले के राशन कार्डधारी भी यहां राशन लेने पहुंच रहे हैं।


हितग्राहियों का कहना है कि दूसरे स्थान के कार्डधारियों को राशन देने से उन्हें आपत्ति नहीं है, क्योंकि यह व्यवस्था शासन द्वारा लागू की गई है। लेकिन यदि इसके कारण संबंधित दुकान के स्थानीय हितग्राहियों का आवंटित राशन समाप्त हो जाए और उन्हें अपने ही गांव में राशन के लिए भटकना पड़े, तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है।


महीने का आखिरी दिन करीब, फिर राशन कब मिलेगा?


30 सितंबर माह का अंतिम दिन है और ग्रामीणों के अनुसार कई उचित मूल्य दुकानों में अभी भी बड़ी संख्या में हितग्राहियों का राशन वितरण बाकी है। स्थानीय स्तर पर 50 प्रतिशत से अधिक हितग्राहियों का वितरण अटका होने की बात कही जा रही है।


स्थिति यह है कि राशन कार्डधारी के हिस्से का राशन नहीं मिला और पीओएस मशीन में भी स्टॉक समाप्त दिखाई दे रहा है। ऐसे में ग्रामीणों का सीधा सवाल है कि सितंबर का लंबित चावल कब उपलब्ध होगा और अक्टूबर का राशन कब मिलेगा?


पूरे बसना ब्लॉक में सामने आ रही समस्या


ग्रामीणों और राशन दुकानदारों से मिल रही जानकारी के अनुसार यह समस्या केवल बंसुला तक सीमित नहीं है, बल्कि बसना विकासखंड की कई उचित मूल्य दुकानों में स्टॉक समाप्त होने और वितरण प्रभावित होने की स्थिति बताई जा रही है.


हितग्राहियों ने खाद्य विभाग के अधिकारियों से मांग की है कि पूरे विकासखंड की पीडीएस दुकानों में उपलब्ध स्टॉक की तत्काल जांच कराई जाए, लंबित आवंटन शीघ्र उपलब्ध कराया जाए तथा जिन हितग्राहियों को सितंबर का राशन नहीं मिल पाया है, उन्हें उनका पूरा हक दिलाया जाए।


ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय पर राशन उपलब्ध नहीं कराया गया तो वे संबंधित खाद्य विभाग के अधिकारियों के समक्ष लिखित शिकायत दर्ज कराकर मामले में उचित कार्रवाई की मांग करेंगे।


अब देखना होगा कि महीने की समाप्ति से पहले प्रशासन पीडीएस दुकानों में चावल का स्टॉक उपलब्ध कराकर हितग्राहियों को राहत देता है या राशन के लिए ग्रामीणों को अभी और इंतजार करना पड़ेगा।

Post a Comment

0 Comments

Followers

Translate

JSON Variables