वीरभूमि सोनाखान में प्रथम वर्ष करमडार महापूजा एवं कर्मा नृत्य महोत्सव का भव्य आयोजन
आयोजन में दोनों जिलों सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में समाज के महिला-पुरुष एवं पदाधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ करमडार के डगाल की विधि-विधानपूर्वक पूजा-अर्चना के साथ हुआ। पूजा के पश्चात करमडार डगाल को बाजे-गाजे के साथ सम्मानपूर्वक पूजा स्थल तक लाया गया।
इसके बाद रात्रिकालीन विशेष पूजा-पाठ का आयोजन सुदर्शन सिंह ठाकुर भूमका द्वारा किया गया। पूजा-अर्चना के पश्चात सिल्वा भाटापारा व फुलझर राज कर्मा नृत्य दल द्वारा कर्मा नृत्य, गीत एवं संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दी गईं। पारंपरिक वाद्य यंत्रों की धुन पर समाज के महिला-पुरुषों ने कर्मा नृत्य में सहभागिता निभाई। देर रात तक पूजा एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा।
इस कार्यक्रम में मंच संचालन दीपक जगत जिलाध्यक्ष छत्तीसगढ़ गोंडवाना संघ व लीलाराम नेताम जिलाध्यक्ष गोंडी धर्म संस्कृति संरक्षण समिति बलौदाबाजार ने किया।
इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आर के कुंजाम महासचिव प्रांतीय कार्यकारिणी भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है। सोनाखान की धरती और शहीद वीर नारायण सिंह हमें अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने की प्रेरणा देते हैं।
वहीं प्रातःकाल करमडार को गाते-बजाते, झूमते और नाचते हुए सरोवर स्नान कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में समाजजन पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए।
आयोजकों ने बताया कि इस महोत्सव का उद्देश्य गोंडी धर्म, संस्कृति, परंपरा एवं सामाजिक विरासत को सहेजना तथा आने वाली पीढ़ी को अपनी मूल सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ना है। महोत्सव के दौरान पूरे सोनाखान क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का वातावरण बना रहा।




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