महासमुंद: नेशनल लोक अदालत में 68,586 मामलों का निराकरण, 8.37 करोड़ के अवार्ड पारित
महासमुंद (हमर CG न्यूज़ - जीत यादव):- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान में 12 सितंबर 2026 शनिवार को आयोजित नेशनल लोक अदालत में रिकॉर्ड मामलों का निराकरण हुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती अनिता डहरिया के मार्गदर्शन में 28 खंडपीठों का गठन किया गया था।
सचिव श्रीमती आफरीन बानो ने बताया कि जिला न्यायालय महासमुंद, कुटुंब न्यायालय, तहसील पिथौरा, सरायपाली, बसना, बागबाहरा सहित श्रम एवं राजस्व न्यायालयों में लोक अदालत लगाई गई।
- बैंक रिकवरी के 5,337 प्रकरण - 19,89,261 रु.
- विद्युत के 11,072 प्रकरण - 59,94,810 रु.
- श्रम के 9 प्रकरण - 3,19,700 रु.
- MACT के 46 प्रकरण - 5,15,36,000 रु.
- NI एक्ट 138 के 21 प्रकरण - 46,59,747 रु.
- राजस्व न्यायालयों के 47,531 प्रकरण
- कुल - 68,586 प्रकरण, 8.37 करोड़ के अवार्ड
विशेष आकर्षण :-
1. कबाड़ से जुगाड़ प्रदर्शनी :- बाल संप्रेक्षण गृह बरोण्डा बाजार के विधि से संघर्षरत बालकों द्वारा कबाड़ से बनाई गई कलाकृतियों की प्रदर्शनी लगाई गई।
2. पौधा वितरण :- पक्षकारों को पीठासीन अधिकारियों द्वारा फलदार और छायादार पौधे भेंट कर वृक्षारोपण का संदेश दिया गया।
3. स्वास्थ्य शिविर :- स्वास्थ्य, आयुष, वन, श्रम और शिक्षा विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच, दवा और पुस्तक वितरण किया गया।
सफल कहानियां :-
टूटा परिवार जुड़ा :- बागबाहरा की तारामती और पिथौरा के जयलाल का तलाक का केस 2021 से अलग रह रहे थे, पीठासीन अधिकारी श्री प्रफुल्ल सोनवानी की समझाइश से दोनों साथ रहने को तैयार हुए। इसी तरह तेजराम-खेदीबाई का परिवार भी जुड़ा।
रागिनी को मिली मुस्कान :- धनसुली निवासी 20 वर्षीय दिव्यांग रागिनी धृतलहरे जो जन्म से चल नहीं पाती थी, उसे समाज कल्याण विभाग के सहयोग से व्हीलचेयर प्रदान की गई। अब वह गांव की गलियों में घूम सकेगी।
लोक अदालत का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया, जिसमें न्यायाधीशगण, अधिवक्तागण और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।






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